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Sunday, 24 January 2021

नेताजी सुभाष चंद्र बोस की 125 वीं जयंती पर किसान विरोधी कानून वापस कराने का संकल्प

 



लखनऊ, 23 जनवरी 2021 को 22 - कैसर बाग स्थित भाकपा कार्यालय पर संयुक्त विपक्षी दल मोर्चा के तत्वावधान में एक गोष्ठी का आयोजन किया गया जिसकी अध्यक्षता कामरेड राकेश व सफल संचालन कामरेड अरविन्द राज स्वरूप द्वारा किया गया। तूलिका नामक एक नन्ही बच्ची के कविता पाठ ने सभी का मन मोह लिया , सबके द्वारा उसकी सराहना की गई व आशीर्वाद दिया गया। 

प्रदेश भाकपा के राज्य सचिव कामरेड गिरीश ने विस्तार से दिल्ली बार्डर पर किसानों से संपर्क कर उनको दिए समर्थन के विषय में बताया और नेताजी सुभाष चंद्र बोस के जन्म दिवस पर जनता के इस संकल्प को दोहराया कि तीनों काले कानून जन - विरोधी हैं अतः उनको वापस लिए जाने तक संघर्ष जारी रहेगा बल्कि इसे और व्यापक बनाया जाएगा। उनके द्वारा 26 जनवरी गण तंत्र दिवस व 30 जनवरी बलिदान दिवस पर कार्यक्रम करके किसानों का समर्थन करने का आहवाहन किया गया। 

गोष्ठी में मधू गर्ग , कान्ति मिश्र, राजद और प्रसपा के प्रतिनिधियों सहित अन्य लोगों द्वारा भी अपने विचार व्यक्त करते हुए काले कृषि कानूनों को वापस लेने के संकल्प को समर्थन दिया गया। 

Wednesday, 13 January 2021

कैफ़ी आजमी का स्मरण किसान आंदोलन के संदर्भ में


 




लखनऊ , 13 जनवरी 2021 

आज 22 कैसर बाग स्थित ipta कार्यालय पर ipta ,प्रलेस,जलेस और साझी दुनिया के संयुक्त तत्वावधान में लखनऊ विश्वविद्यालय की पूर्व उप कुलपति रूप रेखा वर्मा की अध्यक्षता में सम्पन्न हुआ जिसका संचालन कौशल किशोर ने किया। 

अखिल भारतीय किसान सभा के राष्ट्रीय महासचिव कामरेड अतुल अंजान ने किसान आंदोलनों के इतिहास का विस्तृत विवेचन करते हुए तीन कृषि कानून किस प्रकार किसान विरोधी हैं इस बात पर स्पष्ट प्रकाश डाला। उनके अनुसार किसान सिर्फ भूमिधर नहीं है बल्कि वे सब लोग जो खेत मजदूर हैं, गो पालन, कुक्कुट पालन, मतस्य पालन या वे कार्य करते हैं जो कृषि से संबंधित हैं किसान हैं। इन नए कानूनों का इन सब पर ही असर नहीं पड़ रहा है बल्कि साधारण जनता पर भी पड़ रहा है। इसलिए यह लड़ाई कारपोरेट और पेट के बीच की लड़ाई है। जमीन का कारपोरेटीकरण रोकना देश , संविधान, गाँव,किसान और खेती को बचाने का जन - अभियान है। उत्तर - प्रदेश के किसान भी 23 जनवरी और 26 जनवरी के आंदोलन में बढ़ - चढ़ कर भाग लेंगे। कैफ़ी आजमी के जन्मदिवस की पूर्व संध्या पर हुए इस कार्यक्रम की सराहना करते हुए अंजान साहब ने किसानों के संदर्भ में उनकी सक्रियता पर भी वृहद प्रकाश डाला। 

कामरेड अतुल कुमार सिंह 'अंजान ' ने यह भी खुलासा किया कि, स्वामीनाथन कमेटी के सदस्य के रूप में उन्होंने किस प्रकार डॉ स्वामीनाथन को कांट्रेक्ट खेती के विरुद्ध राजी किया था ।   कांट्रेक्ट खेती कंपनी राज की स्थापना और देश की जनता की गुलामी का दस्तावेज है जिसे लागू नहीं होने दिया जाएगा। 

आलोचक वीरेंद्र यादव ने प्रलेस के गठन के साथ ही स्वामी सहजानंद सरस्वती की अध्यक्षता में किसान सभा की लखनऊ में स्थापना का भी जिक्र किया। अपने समापन भाषण में वीरेंद्र यादव ने भी जनता का आह्वान किया कि देश व अपने हित में किसान आंदोलन का समर्थन करें। 

अन्य वक्ताओं में सूरज बहादुर थापा, राकेश, राजेन्द्र वर्मा आदि प्रमुख थे। प्रारंभ में कैफ़ी आजमी व गौहर रजा की गजल का पाठ किया गया।

अंत में  लोहिडी पर्व  तीनों कृषि कानूनों की प्रतियों का दहन  कर किसान, कलाकार,लेखक एकता ज़िन्दाबाद के गगन भेदी नारों के साथ मनाया गया।  

Thursday, 6 November 2014

कालेधन के न्यायिक बटवारे के लिए जंनता को लामबंद कर युद्ध की घोषणा करें-----राम प्रताप त्रिपाठी

Frenh kisano ne aalu ka dam na mil pane k karan Peris krepublic square paer aalu ka dher laga diya hai
Bhartiy kisano ko bhi larna sikhana prega

— with Atul Kumar Singh Anjan and Archana Upadhyay.

( फ्रेंच किसानों ने आलू का दाम ना मिल पाने क कारण पेरिस  के रिपब्लिक  स्क्वेर पर आलू का ढेर लगा दिया है
भारतीय किसानों  को भी लड़ना सीखना पड़ेगा )

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 Akhil Bhartih Kisan sabha ki rastriy parishd ki Chandi Garh me kisano k lhilaf ho rahe faislo jaise plannig commission kp khatm karna bhumiadhigrahan kanoon 2013 ko badalna FCI ko badalna aadi k khilaf convention karna parlient par anischit kalin dharna aur april me jailbharo kiya jayega

(अखिल भारतीय  किसान सभा की राष्ट्रीय परिषद् की चंडीगढ़  में किसानों के खिलाफ हो रहे फ़ैसलो जैसे प्लानिंग कमीशन को  ख़त्म करना भूमि अधिग्रहण क़ानून 2013 को बदलना एफ सी आई  को बदलना आदि के खिलाफ कन्वेन्शन करना,  पार्लियामेंट पर अनिश्चित कालीन धरना  और एप्रिल मे जेल भरो आंदोलन  किया जाएगा )
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Ab yah to hona hi tha ab chor-chor mausere bhai ka khel shuru kaun kisko saja dega jab hamam me sabhi nange hain kala dhan wapas aya aur desh drohiyon ko saja hui to prajatantr k lutere rajnaitic dalon ko agali bar loot kliye kale dhan se chanda kaun fir imandar communiston kabhay(fobia) bhi sata raha hai wam ko chahiye ki is kaledhan k nyayik batware kliye jantako lamband ker yudh ki ghosna karen---
India Today

(अब यह तो होना ही था अब चोर-चोर मौसेरे भाई का खेल शुरू कौन किसको सज़ा देगा जब हमाम मे सभी नंगे हैं . काला धन वापस आया और देश द्रोहियों को सज़ा हुई तो प्रजातंत्र के  लुटेरे राजनैतिक दलों को अगली बार लूट  के लिये  काले धन से चंदा कौन देगा?
 फिर ईमानदार कम्युनिस्टों  का भय(फोबिया) भी सता रहा है वाम  को चाहिए की इस कालेधन के  न्यायिक बटवारे के लिए  जंनता को लामबंद कर युद्ध  की घोषणा करें--- )